श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 1: महाप्रभु से श्रील रूप गोस्वामी की द्वितीय भेट  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.1.28 
आसिया देखिल सबे सेइ त कुक्कुरे ।
प्रभु - पाशे वसियाछे किछु अल्प - दूरे ॥28॥
 
 
अनुवाद
जब सभी भक्त श्री चैतन्य महाप्रभु के स्थान पर आये, तो उन्होंने उसी कुत्ते को भगवान से थोड़ी दूरी पर बैठे देखा।
 
When all the devotees came to Sri Chaitanya Mahaprabhu's place, they saw the same dog sitting at a short distance from Mahaprabhu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)