vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 3: अन्त्य लीला
»
अध्याय 1: महाप्रभु से श्रील रूप गोस्वामी की द्वितीय भेट
»
श्लोक 214
श्लोक
3.1.214
चारि मास र हि’ सब प्रभुर भक्त - गण ।
गोसाञि विदाय दिला, गौडे करिला गमन ॥214॥
अनुवाद
इस प्रकार श्री चैतन्य महाप्रभु के सभी भक्तों ने उनके साथ चार महीने बिताए। फिर भगवान ने उनसे विदा ली और वे बंगाल लौट गए।
In this way, all of Sri Chaitanya Mahaprabhu's devotees spent four months with him. Then Mahaprabhu bid them farewell and returned to Bengal.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×