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श्लोक 210
श्लोक
3.1.210
हरिदास कहे , - “तोमार भाग्येर नाहि सीमा ।
ये सब्ष वर्णिाला, इहार के जाने महिमा ?” ॥210॥
अनुवाद
हरिदास ठाकुर ने उनसे कहा, "आपके सौभाग्य की कोई सीमा नहीं है। आपने जो महिमा वर्णित की है, उसे कोई नहीं समझ सकता।"
Haridasa Thakura said to him, "Your good fortune knows no bounds. No one can understand the greatness of what you have described."
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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