प्रेम - परिपाटी एड़ अद्भुत वर्णन ।
शुनि’ चित्त - कर्णेर हय आनन्द - घूर्णन ॥194॥
अनुवाद
"रूप गोस्वामी के अद्भुत वर्णन प्रेम प्रसंगों को व्यक्त करने के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएँ हैं। इन्हें सुनकर हर किसी का हृदय और कान दिव्य आनंद के भंवर में डूब जाएँगे।"
"The wonderful descriptions given by Rupa Goswami are the best way to express the loving behavior. Listening to them will immerse everyone's heart and ears in a whirlpool of divine bliss.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥