भक्त - सङ्गे कैला प्रभु दुँहारे मिलन ।
पिण्डाते वसिला प्रभु लञा भक्त - गण ॥110॥
अनुवाद
इस प्रकार श्री चैतन्य महाप्रभु और उनके निजी भक्त रूप गोस्वामी और हरिदास ठाकुर से मिले। तब भगवान अपने भक्तों के साथ एक ऊँचे स्थान पर विराजमान हो गए।
In this way, Sri Chaitanya Mahaprabhu and his personal devotees met Rupa Goswami and Haridasa Thakura. Mahaprabhu then sat down on a platform with his devotees.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥