श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ  »  श्लोक 356
 
 
श्लोक  2.9.356 
प्रभु कहे, - एत तीर्थ कैलुँ पर्यटन ।
तोमा - सम वैष्णव ना देखिलुँ एक - जन ॥356॥
 
 
अनुवाद
भगवान ने सार्वभौम भट्टाचार्य से कहा, "मैंने अनेक पवित्र स्थानों की यात्रा की है, किन्तु मुझे कहीं भी आपके समान उत्तम वैष्णव नहीं मिला।"
 
Mahaprabhu said to Sarvabhauma Bhattacharya, “I have visited many pilgrimage places, but I have never seen a Vaishnava like you anywhere.”
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd