श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ  »  श्लोक 336
 
 
श्लोक  2.9.336 
येइ पथे पूर्वे प्रभु कैला आगमन ।
सेइ पथे चलिला देखि, सर्व वैष्णव - गण ॥336॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु उसी मार्ग से लौटे जिस मार्ग से वे पहले विद्यानगर गए थे, और मार्ग में सभी वैष्णवों ने उन्हें पुनः देखा।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu returned by the same route by which he had come to Vidyanagar and all the Vaishnavas met him again on the way.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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