श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ  »  श्लोक 332
 
 
श्लोक  2.9.332 
प्रभु कहे, - एथा मोर ए - निमित्ते आगमन ।
तोमा लञा नीलाचले करिब गमन ॥332॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने तब कहा, "मैं इसी उद्देश्य से लौटा हूँ। मैं तुम्हें अपने साथ जगन्नाथपुरी ले जाना चाहता हूँ।"
 
Then Sri Chaitanya Mahaprabhu said, "I have returned here just for this purpose. I want to take you with me to Jagannatha Puri."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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