श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ  »  श्लोक 330
 
 
श्लोक  2.9.330 
रामानन्द कहे , - प्रभु, तोमार आज्ञा पा ञा ।
राजाके लिखि लुँ आमि विनय करिया ॥330॥
 
 
अनुवाद
रामानन्द राय ने कहा, "हे प्रभु, आपकी अनुमति से मैंने बड़ी विनम्रता के साथ राजा को पत्र लिख दिया है।
 
Ramanand Rai said, “O Lord, with your permission I have humbly written a letter to the king.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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