श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ  »  श्लोक 326
 
 
श्लोक  2.9.326 
‘गोसाञि आइला’ ग्रामे हैल कोलाहल ।
प्रभुके देखिते लोक आइल सकल ॥326॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु के आगमन की खबर विद्यानगर गाँव में फैल गई और सभी लोग पुनः उनसे मिलने आये।
 
The news of Sri Chaitanya Mahaprabhu's arrival spread in Vidyanagar village and everyone came to see him once again.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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