श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ  »  श्लोक 276
 
 
श्लोक  2.9.276 
प्रभु कहे, - कर्मी, ज्ञानी, - दुइ भक्ति - हीन ।
तोमार सम्प्रदाये देखि सेइ दुइ चिह्न ॥276॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने कहा, "सकारात्मक कर्मी और चिंतनशील दार्शनिक, दोनों ही अभक्त माने जाते हैं। हम आपके संप्रदाय में दोनों तत्वों को विद्यमान देखते हैं।"
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu said, "Both those who work for the sake of their desires and those who are wise are considered non-devotees. We see both of them in your sect."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)