श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ  »  श्लोक 231
 
 
श्लोक  2.9.231 
शुनि’ सब भट्टथारि उठे अस्त्र लञा ।
मारिबारे आइल सबे चारि - दिके धा ञा ॥231॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु की बात सुनकर सभी भट्टारि अपने-अपने हाथों में शस्त्र लेकर भगवान को चोट पहुँचाने की इच्छा से चारों ओर से दौड़ पड़े।
 
Hearing the words of Sri Chaitanya Mahaprabhu, all the Bhattatharis came running from all directions with weapons in their hands to kill Mahaprabhu.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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