श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ  »  श्लोक 210
 
 
श्लोक  2.9.210 
पत्र लञा पुनः दक्षिण - मथुरा आइला ।
रामदास विप्रे सेइ पत्र आनि दिला ॥210॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु दक्षिणी मथुरा [मदुरै] लौट आए और रामदास विप्र को कूर्म पुराण की मूल पांडुलिपि सौंपी।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu then returned to South Mathura (Madurai) and gave the original manuscript of Kurma Purana to Ramdas Vipra.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd