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श्री चैतन्य चरितामृत
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अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ
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श्लोक 181
श्लोक
2.9.181
महाप्रभु कहे ताँरे, - शुन महाशय ।
मध्याह्न हैल, केने पाक नाहि हय ॥181॥
अनुवाद
यह देखकर श्री चैतन्य महाप्रभु ने कहा, "हे प्रभु, कृपया मुझे बताइए कि आपने खाना क्यों नहीं बनाया। दोपहर हो चुकी है।"
Seeing this, Sri Chaitanya Mahaprabhu said, "O Sir, tell me why you haven't cooked the food. It's already noon."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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