श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 8: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा श्री रामानन्द राय के बीच वार्तालाप  »  श्लोक 237
 
 
श्लोक  2.8.237 
तोमा विना अन्य नाहि जीव उद्धारिते ।
तोमा विना अन्य नाहि कृष्ण - प्रेम दिते ॥237॥
 
 
अनुवाद
"लेकिन आपके अलावा, ऐसा कोई नहीं है जो सभी जीवों का उद्धार कर सके, क्योंकि केवल आप ही कृष्ण के प्रेम का उद्धार कर सकते हैं।"
 
“Who else but You can save all living beings, because only You can provide Krishna-love.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)