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श्री चैतन्य चरितामृत
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लीला 2: मध्य लीला
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अध्याय 8: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा श्री रामानन्द राय के बीच वार्तालाप
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श्लोक 199
श्लोक
2.8.199
त्रिभुवन - मध्ये ऐछे हय कोन्धीर ।
ये तोमार माया - नाटे हइबेक स्थिर ॥199॥
अनुवाद
“इन तीनों लोकों में ऐसा कौन है जो आपकी विभिन्न शक्तियों के संचालन के समय भी स्थिर रह सके?
“Who in the three worlds will be such an unshakable person who can remain stable when your various powers change?”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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