श्रीमती राधारानी की फूलों की माला में उनके गुण होते हैं और मानसिक, मौखिक और शारीरिक भागों में विभाजित होती है। क्षमा और दया का उनका दृष्टिकोण पूरी तरह से मानसिक है। उनकी बातें, जो कान को बहुत भली लगती हैं, मौखिक हैं। शारीरिक गुण आयु, सुंदरता, चमक और अनुग्रह हैं।
