राधा ला गि’ गोपीरे यदि साक्षात्करे त्याग ।
तबे जानि , - राधाय कृष्णेर गाढ़ - अनुराग ॥103॥
अनुवाद
"यदि भगवान कृष्ण ने श्रीमती राधारानी के लिए अन्य गोपियों की संगति को अस्वीकार कर दिया, तो हम समझ सकते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण का उनके प्रति गहरा स्नेह है।"
“If Lord Krishna abandoned the company of other gopis for Radharani, then we can understand that Lord Krishna has deep affection for her.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥