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श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 7: महाप्रभु द्वारा दक्षिण भारत की यात्रा  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  2.7.82 
देखि’ नित्यानन्द प्रभु कहे भक्त - गणे ।
एइ - रूपे नृत्य आगे हबे ग्रामे - ग्रामे ॥82॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु के कीर्तन और नृत्य को देखकर भगवान नित्यानंद ने भविष्यवाणी की कि बाद में हर गाँव में नृत्य और कीर्तन होगा।
 
Seeing the kirtan and dance of Sri Chaitanya Mahaprabhu, Sri Nityananda Prabhu predicted that in future such dance and kirtan would take place in every village.
तात्पर्य
श्री नित्यानंद प्रभु की यह भविष्यवाणी न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में लागू होती है। यह सब अब उनकी कृपा से हो रहा है। इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस के सदस्य अब पश्चिमी देशों में एक गांव से दूसरे गांव में जा रहे हैं और यहां तक कि अपने साथ देवता भी ले जा रहे हैं। ये भक्त दुनिया भर में विभिन्न साहित्य वितरित करते हैं। हम आशा करते हैं कि श्री चैतन्य महाप्रभु के संदेश का प्रचार करने वाले ये भक्त बहुत ही गंभीरता से उनके नक्शेकदम पर चलेंगे। यदि वे नियमों और विनियमों का पालन करते हैं और प्रतिदिन सोलह फेरे लेते हैं, तो श्री चैतन्य महाप्रभु के पंथ का प्रचार करने का उनका प्रयास निश्चित रूप से सफल होगा।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)