vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 2: मध्य लीला
»
अध्याय 7: महाप्रभु द्वारा दक्षिण भारत की यात्रा
»
श्लोक 110
श्लोक
2.7.110
प्रभुके ये भजे, तारे ताँ र कृपा हय ।
सेइ से ए - सब लीला सत्य क रि’ लय ॥110॥
अनुवाद
भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा दूसरों को सशक्त बनाने को वही समझ सकता है जो वास्तव में भगवान का भक्त है और जिसने उनकी दया प्राप्त की है।
How Sri Chaitanya Mahaprabhu empowers others can only be understood by one who is a true devotee of the Lord and has received His grace.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×