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श्री चैतन्य चरितामृत
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अध्याय 7: महाप्रभु द्वारा दक्षिण भारत की यात्रा
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श्लोक 108
श्लोक
2.7.108
एइ - मत कैला यावत्गेला सेतुबन्धे ।
सर्व - देश ‘वैष्णव’ हैल प्रभुर सम्बन्धे ॥108॥
अनुवाद
इस प्रकार भगवान भारत के सुदूर दक्षिणी भाग में गये और उन्होंने सभी प्रान्तों को वैष्णव धर्म में परिवर्तित कर दिया।
In this way Mahaprabhu went to the southern border of India and converted the people of all the provinces into Vaishnavs.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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