श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 6: सार्वभौम भट्टाचार्य की मुक्ति  »  श्लोक 259
 
 
श्लोक  2.6.259 
एक - दिन सार्वभौम प्रभु - आगे आइला ।
नमस्कार क रि’ श्लोक पड़िते लागिला ॥259॥
 
 
अनुवाद
एक दिन सार्वभौम भट्टाचार्य चैतन्य महाप्रभु के समक्ष आये और उन्हें प्रणाम करने के बाद एक श्लोक सुनाने लगे।
 
One day Sarvabhauma Bhattacharya came before Chaitanya Mahaprabhu and after paying his respects, started reciting a verse.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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