श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 6: सार्वभौम भट्टाचार्य की मुक्ति  »  श्लोक 213
 
 
श्लोक  2.6.213 
‘जगत् निस्तारिले तुमि, - सेह अल्प - कार्य ।
आमा उद्धारिले तुमि, - ए शक्ति आश्चर्य ॥213॥
 
 
अनुवाद
सार्वभौम भट्टाचार्य बोले, "हे महाराज, आपने समस्त जगत का उद्धार किया है, किन्तु यह कोई बहुत बड़ा कार्य नहीं है। तथापि, आपने मेरा भी उद्धार किया है, और यह निश्चय ही अत्यंत अद्भुत शक्तियों का कार्य है।"
 
Sarvabhauma Bhattacharya said, "O Lord, you have saved the entire world, but that is not a big task. But you have saved me too, which is certainly a work of amazing power."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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