श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 6: सार्वभौम भट्टाचार्य की मुक्ति  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.6.21 
मुकुन्द कहे, - प्रभुर इहाँ हैल आगमने ।
आमि - सब आसियाछि महाप्रभुर सने ॥21॥
 
 
अनुवाद
मुकुंद दत्ता ने उत्तर दिया, "भगवान यहाँ पहले ही आ चुके हैं। हम उनके साथ आए हैं।"
 
Mukunda Datta replied, "Mahaprabhu has already arrived here. We have come with him."
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd