वेद - पुराणे कहे ब्रह्म - निरूपण ।
सेइ ब्रह्म - बृहद्वस्तु, ईश्वर - लक्षण ॥139॥
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अनुवाद
“सभी वेद और साहित्य जो वैदिक सिद्धांतों का सख्ती से पालन करते हैं, बताते हैं कि परम ब्रह्म परम सत्य है, सबसे महान है, और परम भगवान का एक रूप है।
“All the Vedas and other literatures following Vedic principles firmly hold that Parabrahman is the ultimate truth, the greatest of all and an aspect of God.”
तात्पर्य
सबसे महान श्रीकृष्ण हैं। भगवान श्रीकृष्ण भगवद्गीता (15.15) में कहते हैं, वेदः च सर्वैः अहम् एव वेद्यः: "सभी वेदों द्वारा, मुझे जाना जाना है।" श्रीमद्-भागवतम् (1.2.11) में कहा गया है कि परम सत्य को तीन चरणों में समझा जाता है - अर्थात्, ब्रह्म, परमात्मा और भगवान, ईश्वर (ब्रह्मति परमात्मति भगवान इति शब्दते)। इस प्रकार परमेश्वर ब्रह्म या परम सत्य को समझने का अंतिम शब्द है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥