| श्री चैतन्य चरितामृत » लीला 2: मध्य लीला » अध्याय 5: साक्षीगोपाल की लीलाएँ » श्लोक 97 |
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| | | | श्लोक 2.5.97  | हासिञा गोपाल कहे , - “शुनह, ब्राह्मण ।
तोमार पाछे पाछे आमि करिब गमन” ॥97॥ | | | | | | | अनुवाद | | तब श्री गोपालजी मुस्कुराए और बोले, "हे ब्राह्मण! मेरी बात सुनो। मैं तुम्हारे पीछे चलूँगा और इसी प्रकार तुम्हारे साथ चलूँगा।" | | | | Shri Gopal smiled and said, "Dear Brahmin, listen to me. I will follow you and walk with you like this." | | ✨ ai-generated | | |
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