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श्री चैतन्य चरितामृत
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श्लोक 79
श्लोक
2.5.79
बड़ - विप्रेर मने , - ’कृष्ण बड़ दयावान् ।
अवश्य मोर वाक्य तेंहो करिबे प्रमा ण’ ॥79॥
अनुवाद
वृद्ध ब्राह्मण ने सोचा, "चूँकि भगवान कृष्ण बहुत दयालु हैं, वे अवश्य ही मेरे कथन को सिद्ध करने आएंगे।"
The old Brahmin thought, “Since Lord Krishna is extremely merciful, He will surely come to prove my statement.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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