एत शुनि’ लोकेर मने हइल संशय ।
‘सम्भवे, - धन - लोभे लोक छाड़े धर्म - भय’ ॥63॥
अनुवाद
ये सारी बातें सुनकर वहाँ उपस्थित सभी लोग थोड़े संशय में पड़ गए। उन्हें लगा कि यह बहुत संभव है कि धन के मोह में कोई अपने धर्म-सिद्धांतों का त्याग कर दे।
Hearing these arguments, the people gathered there became somewhat suspicious. They thought it was possible for someone to abandon their religion for the sake of money.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥