श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 5: साक्षीगोपाल की लीलाएँ  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  2.5.52 
‘आरे अधम! मोर भग्नी चाह विवाहिते ।
वामन ह ञा चाँद येन चाह त’ धरिते’ ॥52॥
 
 
अनुवाद
बेटे ने कहा, "अरे, तुम तो बहुत ही नीच हो! तुम मेरी बहन से शादी करना चाहते हो, ठीक वैसे ही जैसे कोई बौना चाँद को पकड़ना चाहता है!"
 
The son said, "You wretch! You want to marry my sister like a dwarf wants to catch the moon!"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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