श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 5: साक्षीगोपाल की लीलाएँ  »  श्लोक 133
 
 
श्लोक  2.5.133 
सेइ हैते गोपालेर कटकेते स्थिति ।
एइ लागि ‘साक्षि - गोपाल’ नाम हैल ख्याति ॥133॥
 
 
अनुवाद
तब से गोपाल कटक शहर में स्थित हैं और तब से उन्हें साक्षी-गोपाल के नाम से जाना जाता है।
 
Since then Gopal is residing in Cuttack city and since then he is famous by the name Sakshi Gopal.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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