श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 4: श्री माधवेन्द्र पुरी की भक्ति  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  2.4.39 
बहु - दिन तोमार पथ करि निरीक्षण ।
कबे आ सि’ माधव आमा करिबे सेवन ॥39॥
 
 
अनुवाद
“मैं कई दिनों से आपको देख रहा हूँ और सोच रहा हूँ कि ‘माधवेन्द्र पुरी मेरी सेवा करने कब यहाँ आएंगे?’
 
I have been waiting for you for a long time and have been wondering, 'When will Madhavendra Puri come here and serve me?'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)