श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 4: श्री माधवेन्द्र पुरी की भक्ति  »  श्लोक 172
 
 
श्लोक  2.4.172 
दुग्ध - दान - छले कृष्ण याँरे देखा दिल ।
तिन - बारे स्वप्ने आ सि’ याँरे आज्ञा कैल ॥172॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने कहा, "माधवेंद्र पुरी इतने भाग्यशाली थे कि कृष्ण स्वयं दूध देने के लिए उनके समक्ष प्रकट हुए। भगवान ने तीन बार स्वप्न में माधवेंद्र पुरी को आदेश दिया।"
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu said, “Madhavendra Puri was so fortunate that Lord Krishna personally appeared before him in the pretext of giving him milk. The Lord ordered Madhavendra Puri three times in his dream.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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