श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 4: श्री माधवेन्द्र पुरी की भक्ति  »  श्लोक 158
 
 
श्लोक  2.4.158 
गोपाल आसिया कहे , - शुन हे माधव ।
कर्पूर - चन्दन आमि पाइलाम सब ॥158॥
 
 
अनुवाद
माधवेन्द्र पुरी ने स्वप्न में देखा कि गोपाल उनके समक्ष आये और बोले, "हे माधवेन्द्र पुरी, मैंने पहले ही सारा चंदन और कपूर प्राप्त कर लिया है।
 
Madhavendra Puri saw in his dream that Gopal came before him and said, “O Madhavendra Puri, I have already received all the sandalwood and camphor.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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