श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 4: श्री माधवेन्द्र पुरी की भक्ति  »  श्लोक 149
 
 
श्लोक  2.4.149 
जगन्नाथेर सेवक यत, यतेक महान्त ।
सबाके कहिल पुरी गोपाल - वृत्तान्त ॥149॥
 
 
अनुवाद
श्री माधवेन्द्र पुरी ने भगवान जगन्नाथ के सभी सेवकों और वहाँ उपस्थित सभी महान भक्तों को श्री गोपाल के प्रकट होने की कथा सुनाई।
 
Shri Madhavendra Puri narrated the story of the appearance of Shri Gopal to all the servants and great devotees of Jagannathji there.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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