श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 3: श्री चैतन्य महाप्रभु का अद्वैत आचार्य के घर रुकना  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  2.3.99 
नित्यानन्द बले , - एइ कृष्णेर प्रसाद ।
इहाके ‘झुठा’ कहिले, तुमि कैले अपराध ॥99॥
 
 
अनुवाद
नित्यानंद प्रभु ने उत्तर दिया, "ये भगवान कृष्ण द्वारा छोड़े गए भोजन के अवशेष हैं। यदि आप इन्हें साधारण अवशेष समझते हैं, तो आपने अपराध किया है।"
 
Nityananda Prabhu replied, "This is Lord Krishna's leftovers. If you consider it ordinary leftovers, you have committed a crime."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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