श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 3: श्री चैतन्य महाप्रभु का अद्वैत आचार्य के घर रुकना  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  2.3.79 
नित्यानन्द कहे - कैलुँ तिन उपवास ।
आजि पारणा करिते छिल बड़ आश ॥79॥
 
 
अनुवाद
नित्यानंद प्रभु ने कहा, "मैंने लगातार तीन दिनों तक उपवास किया है। आज मुझे अपना उपवास तोड़ने की उम्मीद थी।"
 
Nityananda Prabhu said, "I have been fasting for three days straight. I was hoping that today would be the day my fast would be broken."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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