श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 3: श्री चैतन्य महाप्रभु का अद्वैत आचार्य के घर रुकना  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  2.3.48 
नारिकेल - शस्य, छाना, शर्करा मधुर ।
मोचा - घण्ट, दुग्ध - कुष्माण्ड, सकल प्रचुर ॥48॥
 
 
अनुवाद
नारियल के गूदे को दही और रॉक कैंडी के साथ मिलाकर बनाया गया व्यंजन बहुत मीठा था। केले के फूलों और दूध में उबले हुए कद्दू की करी भी खूब थी।
 
The dish, made with coconut pulp, yogurt, and sugar candy, was incredibly sweet. Custard apple and banana flower curry cooked in milk was plentiful.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)