vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 2: मध्य लीला
»
अध्याय 3: श्री चैतन्य महाप्रभु का अद्वैत आचार्य के घर रुकना
»
श्लोक 48
श्लोक
2.3.48
नारिकेल - शस्य, छाना, शर्करा मधुर ।
मोचा - घण्ट, दुग्ध - कुष्माण्ड, सकल प्रचुर ॥48॥
अनुवाद
नारियल के गूदे को दही और रॉक कैंडी के साथ मिलाकर बनाया गया व्यंजन बहुत मीठा था। केले के फूलों और दूध में उबले हुए कद्दू की करी भी खूब थी।
The dish, made with coconut pulp, yogurt, and sugar candy, was incredibly sweet. Custard apple and banana flower curry cooked in milk was plentiful.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd