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श्लोक 176
श्लोक
2.3.176
तोमा - सब ना छाड़िब, यावतामि जीब’ ।
मातारे तावतामि छाड़िते नारिब ॥176॥
अनुवाद
"मेरे प्यारे दोस्तों, जब तक मैं प्रकट रहूँगा, मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़ूँगा। और न ही मैं अपनी माँ को छोड़ पाऊँगा।"
My dear friends, I will never leave you as long as I live. Nor will I be able to leave my mother.
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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