श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 3: श्री चैतन्य महाप्रभु का अद्वैत आचार्य के घर रुकना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  2.3.13 
गोप - बालक सब प्रभुके देखियो ।
‘हरि’ ‘हरि’ बलि’ डाके उच्च करिया ॥13॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु को जाते देख सभी ग्वालबाल उनके साथ हो लिए और जोर-जोर से चिल्लाने लगे, “हरि! हरि!”
 
Seeing Sri Chaitanya Mahaprabhu leaving, all the cowherd boys started walking with him and started calling out loudly, “Hari!” “Hari!”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)