श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 25: वाराणसी के सारे निवासियों का वैष्णव बनना  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  2.25.96 
नारद सेइ अर्थ व्यासेरे कहिला ।
शुनि’ वेद - व्यास मने विचार करिला ॥96॥
 
 
अनुवाद
"भगवान ब्रह्मा ने नारद मुनि से जो कुछ कहा था, वही नारद मुनि ने व्यासदेव को पुनः समझाया। बाद में व्यासदेव ने इन निर्देशों पर मन ही मन विचार किया।
 
"Whatever Brahma had said to Narada Muni, Narada Muni repeated the same to Vyasadeva. Vyasadeva then pondered over these teachings in his mind."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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