चारि पुरुषार्थ छाड़ाय, गुणे हरे सबार मन ।
‘हरि’ - शब्देर एइ मुख्य कहिलुँ लक्षण ॥64॥
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अनुवाद
"जब मनुष्य का मन, इन्द्रियाँ और शरीर हरि के दिव्य गुणों की ओर आकर्षित होते हैं, तो वह भौतिक सफलता के चारों सिद्धांतों का त्याग कर देता है। इस प्रकार मैंने 'हरि' शब्द के मुख्य अर्थ बताए हैं।"
"When a person's mind, senses, and body are attracted to the divine qualities of Hari, he abandons the four principles of material success. Thus I have explained the main meanings of the word 'Hari.'"
तात्पर्य
भौतिक सफलता के चार सिद्धांत हैं (1) धार्मिक प्रदर्शन, (2) आर्थिक विकास, (3) इंद्रिय तृप्ति और (4) मुक्ति, या ब्रह्म के अवैयक्तिक तेज में विलीन होना। ये चीजें भक्त को रूचिकर नहीं लगतीं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥