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श्लोक 341
श्लोक
2.24.341
एकादशी, जन्माष्टमी, वामन - द्वादशी ।
श्री - राम - नवमी, आर नृसिंह - चतुर्दशी ॥341॥
अनुवाद
“एकादशी, जन्माष्टमी, वामन-द्वादशी, राम-नवमी और नृसिंह-चतुर्दशी - इन सभी का वर्णन किया जाना चाहिए।
“Ekadashi, Janmashtami, Vamanadvadashi, Ramnavami and Narasimha-Chaturdashi – all these should be described.”
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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