श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 24: आत्माराम श्लोक की 61 व्याख्याएँ  »  श्लोक 328
 
 
श्लोक  2.24.328 
प्रभु कहे, - “ये करिते करिबा तुमि मन ।
कृष्ण सेइ सेइ तोमा कराबे स्फुरण” ॥328॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने उत्तर दिया, "तुम जो कुछ भी करना चाहोगे, भगवान कृष्ण की कृपा से तुम उसे ठीक से कर पाओगे। वे वास्तविक अभिप्राय प्रकट करेंगे।"
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu replied, “Whatever you want to do, you will be able to do it correctly by the grace of Krishna. He will reveal the true meaning.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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