श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 24: आत्माराम श्लोक की 61 व्याख्याएँ  »  श्लोक 323
 
 
श्लोक  2.24.323 
आमा - हेन येबा केह ‘बातुल’ हय ।
एइ - दृष्टे भागवतेर अर्थ जानय ॥323॥
 
 
अनुवाद
“यदि कोई मेरे जैसा पागल हो जाए, तो वह भी इस प्रक्रिया से श्रीमद्भागवतम् का अर्थ समझ सकता है।”
 
“If someone becomes as mad as I am, then by this method he too can understand the meaning of Srimad Bhagavatam.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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