| श्री चैतन्य चरितामृत » लीला 2: मध्य लीला » अध्याय 24: आत्माराम श्लोक की 61 व्याख्याएँ » श्लोक 266 |
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| | | | श्लोक 2.24.266  | ग्रामे ध्वनि हैल , - व्याध वैष्ण व’ हइल ।
ग्रामेर लोक सब अन्न आनिते लागिल ॥266॥ | | | | | | | अनुवाद | | "यह खबर कि शिकारी वैष्णव बन गया है, पूरे गाँव में फैल गई। सभी गाँववाले भिक्षा लेकर उस वैष्णव को, जो पहले शिकारी था, भेंट करने लगे। | | | | "The news spread throughout the village that the hunter had become a Vaishnav. All the villagers began bringing alms and giving them to the Vaishnav who had previously been a hunter." | | ✨ ai-generated | | |
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