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श्लोक 243
श्लोक
2.24.243
अर्ध - मारा जीव यदि धड् - फड़ करे ।
तबे त’ आनन्द मोर बाड़ये अन्तरे ॥243॥
अनुवाद
“‘जब मैं आधे मारे गए जानवरों को तड़पते देखता हूं, तो मुझे बहुत खुशी होती है।’
“When I see half-dead animals suffering, I feel great joy.”
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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