श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 24: आत्माराम श्लोक की 61 व्याख्याएँ  »  श्लोक 241
 
 
श्लोक  2.24.241 
नारद कहे , - “यदि जीवे मा र’ तुमि बाण ।
अर्ध - मारा कर केने, ना लओ पराण ?” ॥241॥
 
 
अनुवाद
नारद मुनि ने तब पूछा, ‘तुमने जानवरों को पूरी तरह क्यों नहीं मारा? तुमने उनके शरीर को बाणों से छेदकर उन्हें आधा क्यों मार डाला?’
 
"Then the sage Narada asked, 'Why didn't you kill these animals completely? Why did you leave them half-dead, with your arrows piercing their bodies?'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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