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श्री चैतन्य चरितामृत
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अध्याय 21: भगवान् श्रीकृष्ण का ऐश्वर्य तथा माधुर्य
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श्लोक 23
श्लोक
2.21.23
एक कृष्ण - देह हैते सबार प्रकाशे ।
क्षणेके सबाइ सेइ शरीरे प्रवेशे ॥23॥
अनुवाद
“ये सभी दिव्य शरीर कृष्ण के शरीर से निकले और क्षण भर में ही वे पुनः उनके शरीर में प्रविष्ट हो गए।
“All these divine bodies emerged from the body of Krishna and within a moment they all entered his body again.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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