तिन मुद्रार भोट गाय, माधुकरी ग्रास ।
धर्म - हानि हय, लोक करे उपहास” ॥92॥
अनुवाद
मधुकरी का अभ्यास करते हुए एक ही समय में बहुमूल्य कम्बल धारण करना विरोधाभासी है। ऐसा करने से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक शक्ति खो देता है और उपहास का पात्र भी बनता है।
"Practicing Madhukari and wearing a costly blanket are contradictory. By doing so, a person loses his spiritual power and becomes a laughingstock."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥