श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 20: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा सनातन गोस्वामी को परम सत्य के विज्ञान की शिक्षा  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  2.20.42 
तेंहो कहे, - “दिन - दुइ रह एइ - स्थाने ।
भद्र हओ, छाड़’ एइ मलिन वस ने” ॥42॥
 
 
अनुवाद
तब श्रीकांत ने सनातन गोस्वामी से कहा, "कम से कम दो दिन यहाँ रहो और सज्जनों जैसा वस्त्र धारण करो। ये गंदे वस्त्र त्याग दो।"
 
Then Shrikant said to Sanatana Goswami, "Stay here for at least two days and dress like a gentleman. Discard these dirty clothes."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)